संसद के बाद अब UP विधानसभा के मानसून सत्र में भी भूचाल के आसार: आज से शुरू हो रहा सत्र, ‘चढ़ावा चोरी’ और अनुपूरक बजट पर मचेगा घमासान

नई दिल्ली की संसद के बाद अब उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में भी हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिलने वाला है। सोमवार से उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, जिसके शुरुआती दिन से ही सदन के अंदर और बाहर जोरदार हंगामे के पूरे आसार हैं। हाल ही में संसद परिसर में राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर विपक्ष द्वारा किए गए नाटकीय प्रदर्शन और उसके बाद तूल पकड़े विवाद की गूंज अब सीधे लखनऊ विधानसभा में भी सुनाई देगी। विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने के लिए राम मंदिर चढ़ावा चोरी, कानून-व्यवस्था और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर आक्रामक रणनीति तैयार की है, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी तकरार तय मानी जा रही है।

छोटे सत्र का शेड्यूल जारी, मंगलवार को पेश होगा अनुपूरक बजट

उत्तर प्रदेश विधानसभा का यह मानसून सत्र काफी संक्षिप्त होगा। प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दुबे द्वारा जारी किए गए आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार यह सत्र 6 अगस्त तक चलेगा। सत्र के पहले दिन यानी सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने पर सबसे पहले समाजवादी पार्टी के निजामाबाद (आजमगढ़) से विधायक रहे आलम बदी के निधन पर शोक व्यक्त किया जाएगा और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद सत्र के दूसरे दिन यानी मंगलवार, 4 अगस्त को योगी सरकार विधानमंडल के दोनों सदनों में इस वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) पेश करेगी। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा दोपहर करीब 12:20 बजे अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा जाएगा।

50 हजार करोड़ के आसपास हो सकता है अनुपूरक बजट का आकार

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, योगी सरकार द्वारा लाए जाने वाले इस पहले अनुपूरक बजट का आकार लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है। इससे पहले सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए 9.12 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम मूल बजट पेश किया था। वित्त विभाग ने तमाम विभागों से आए प्रस्तावों को अंतिम रूप दे दिया है। इस अनुपूरक बजट में सरकार का मुख्य फोकस तीन प्रमुख एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट्स, उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर, मेधावियों को स्कूटी वितरण योजना, सरकारी कर्मचारियों और अन्य पात्रों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा तथा कई अन्य बुनियादी विकासपरक योजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान करना है।

'जीरो पावर्टी' योजना और नई घोषणाओं पर टिकी हैं निगाहें

सत्र के दौरान सरकार ठंडे बस्ते में पड़ी 'जीरो पावर्टी योजना' को भी नई रफ्तार देने के लिए खजाना खोल सकती है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य तमाम कल्याणकारी योजनाओं के बावजूद जीवनयापन कर रहे बेहद गरीब परिवारों को चिह्नित कर उन्हें गरीबी रेखा से पूरी तरह बाहर निकालना है। इसके अलावा, आगामी राजनीतिक समीकरणों और योजनाओं को साधते हुए सरकार युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कुछ नई घोषणाओं को भी इस अनुपूरक बजट में जगह दे सकती है। पांच अगस्त को विभिन्न विधायी कार्य संपन्न होंगे, जबकि छह अगस्त को अनुपूरक बजट पर लंबी चर्चा होगी और इसी दिन नेता सदन के रूप में मुख्यमंत्री योगी सदन में सरकार का आधिकारिक पक्ष रखेंगे।

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