गांधी फिल्म का वो ऐतिहासिक शॉट जब 3 लाख लोगों की भीड़ देख दंग रह गई थी दुनिया, गिनीज बुक में दर्ज है रिकॉर्ड

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News India Live, Digital Desk: हॉलीवुड और भारतीय सिनेमा के सहयोग से बनी फिल्म ‘गांधी’ (1982) ने ऑस्कर की दुनिया में झंडे गाड़े थे, लेकिन इस फिल्म के पीछे एक ऐसा सच छिपा है जिसे आज के CGI (कंप्यूटर ग्राफिक्स) के दौर में सोच पाना भी नामुमकिन है। फिल्म के एक खास सीन के लिए निर्देशक रिचर्ड एटनबरो ने 3 लाख से ज्यादा एक्ट्रा एक्टर्स (Crowd) का इस्तेमाल किया था। यह फिल्म इतिहास का सबसे बड़ा ‘लाइव शॉट’ माना जाता है, जिसे ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में भी जगह मिली है।

गांधी जी की शवयात्रा: वो मंजर जिसने इतिहास रच दिया

फिल्म में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की अंतिम विदाई यानी उनकी शवयात्रा का एक दृश्य फिल्माया जाना था। निर्देशक चाहते थे कि यह सीन बिल्कुल असली लगे। उस समय न तो आज की तरह डिजिटल भीड़ बनाने की तकनीक थी और न ही एटनबरो समझौता करना चाहते थे। 31 जनवरी 1981 को दिल्ली के राजपथ पर इस सीन की शूटिंग हुई, जो गांधी जी की वास्तविक पुण्यतिथि (30 जनवरी) के ठीक एक दिन बाद थी।

कैसे जुटी 3 लाख लोगों की भीड़?

इस शॉट के लिए लगभग 3,00,000 (3 लाख) लोग एकत्रित हुए थे। इनमें से:

2 लाख लोग: स्वेच्छा से आए थे जिन्होंने इसके लिए कोई भुगतान नहीं लिया।

94,560 लोग: अनुबंध (Contract) पर काम करने वाले एक्ट्रा एक्टर्स थे। भीड़ इतनी विशाल थी कि उस समय की मीडिया और खुद फिल्म की क्रू भी उसे संभालते हुए हैरान थी। एटनबरो ने बाद में बताया था कि राजपथ से लेकर इंडिया गेट तक जहाँ तक नजर जाती थी, केवल लोगों का हुजूम ही नजर आता था।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है नाम

फिल्म ‘गांधी’ के इस शॉट ने इतिहास रच दिया। इसे ‘Most Extras in a Single Film Sequence’ (एक ही फिल्म के दृश्य में सर्वाधिक कलाकार) के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया। आज के दौर में जहाँ ‘बाहुबली’ या ‘एवेंजर्स’ जैसी फिल्मों में लाखों की भीड़ कंप्यूटर के जरिए दिखाई जाती है, वहीं ‘गांधी’ में मौजूद हर एक चेहरा असली था।

बेन किंग्सले को देख लोग हुए थे भावुक

कहा जाता है कि जब बेन किंग्सले (जिन्होंने गांधी जी की भूमिका निभाई थी) अर्थी पर लेटकर उस भीड़ के सामने से गुजरे, तो लोग सच में रोने लगे थे। बेन का लुक महात्मा गांधी से इतना मिलता-जुलता था कि कई बुजुर्गों को लगा जैसे गांधी जी स्वयं वहाँ उपस्थित हों। 11 कैमरों की मदद से इस पूरे दृश्य को शूट किया गया था, और कुल 20,000 फीट फिल्म रील केवल इस एक सीन के लिए इस्तेमाल हुई थी।

ऑस्कर की बारिश

इस समर्पण का परिणाम यह हुआ कि ‘गांधी’ ने 55वें अकादमी पुरस्कारों (Oscars) में 8 ऑस्कर जीतकर इतिहास रच दिया। इसमें सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और बेन किंग्सले के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार शामिल था। साथ ही, भानु अथैया ने भारत के लिए पहला ऑस्कर (कॉस्ट्यूम डिजाइन) इसी फिल्म से जीता था।

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