मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने किया इंडो-नेपाल ट्रेड फेयर शुभारंभ

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उत्तराखंड

देहरादून: नेपाल के कंचनपुर चैम्बर आॅफ कामर्स एण्ड इंड्रस्ट्री और रियल होस्ट के तत्वावधान में इंडो-नेपाल टेªड फेयर एवं टूरिज्म फेस्टेवल का उद्दघान माननीय मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत उत्तराखंड सरकार एवं  माननीय वाणिज्य राज्य मंत्री श्री नरबहादुर चंद नेपाल सरकार ने रिबन काटकर व दीप प्रज्जवलित कर किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं उत्तराखण्ड एवं नेपाल व्यापार मण्डल को बधाई देता हूं जिन्होंने हमारे राज्य में दूसरा पारस्परिक मेले का आयोजन किया है। इस तरह की प्रदर्शनी से हमारे पड़ोसी देशो के साथ सबंध मजबूत होते हैं और व्यापार के भी नए आयाम खुलते हंै। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में नेपाल की छवि दिखाई देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल और उत्तराखण्ड के आदरणीय देव एक ही हैं जहां नेपाल में पशुपति नाथ हैं तो वही उत्तराखण्ड में केदारनाथ हैं। हमारा सांस्कृतिक रिस्ता है हम एक-दूसरे के पूरक है। हमें भावनात्मक दोस्ती के साथ-साथ व्यापार को भी बढ़ाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने देहरादून वासियों से प्रार्थना की कि सभी खरीददारी के लिए आगे आऐं और नेपाल की वस्तुओं को खरीदें। अंत में उन्होंने पूरे राज्य की ओर से पूरे व्यापार मण्डल को बधाई दी।

विशिष्ट अतिथि नेपाल सरकार माननीय वाणिज्य राज्य मंत्री श्री नरबहादुर चंद जी ने कहा कि इंडो-नेपाल ट्रेड फेयर से उत्तराखण्ड और नेपाल के संबंधों में मधुरता आयेगी और हमारे व्यापार संबंधों में भी मदद मिलेगी। उन्हांेने कहा कि उत्तराखण्ड में यह हमारा दूसरा ट्रेड फेयर है हमें उम्मीद है पिछले बार की ही तरह इस बार भी देहरादून वासियों का भरपूर सहयोग और प्यार मिलेगा।

कंचनपुर चैम्बर आॅफ कामर्स एण्ड इंड्रस्ट्री के अध्यक्ष सुरेश रावल ने नेपाल व अपनी संस्था की ओर से मुख्यमंत्री व मंच पर मौजूद सभी का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि यह दूसरा मौका है जब नेपाल और उत्तखण्ड में इस तरह के मेले का आयोजन किया गया है। उघोग और कल्चरल को बढ़ावा देने के लिए यह ट्रेड फेयर का अयोजन किया गया है। पुरातत्वकाल से हमारे संबंध भारत के साथ अच्छे रहे हैं हम आगे भी सदैव ऐसे ही रहना चाहते हैं।

मेले में नेपाल के 55 स्टाॅल व भारत के विभिन्न राज्यों के 100 स्टाॅल लगाये गये हैं इसके साथ ही मेले में डायनोसोर पार्क, भूत बंगला, राजस्थानी जहाज ऊँट की सवारी के साथ-साथ बच्चों के लिए झूले भी लगाये गये हैं। यह मेला औद्योगिक ऐसोसिएशन आॅफ उत्तराखण्ड के समन्वय एवं दिल्ली स्थित नेपाली राजदूतावास काठमांडू स्थित भारतीय राजदूतावास, नेपाल टूर एण्ड टूरिज्म ऐसोसिएशन सुदूर पश्चिम चैप्टर की सहभागिता से 2 फरवरी से 12 फरवरी तक चलेगा।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत गणेश वंदना के साथ हुइ, इसके बाद गोरखाली लोक रिमिक्स नृत्य ग्रुप में राशी, विदुसी व विजेता ने सुन्दर प्रस्तुति दी। गढ़वाली लोक नृत्य में शिवानी नेगी, आयुष उनियाल, अंजली, ज्योति ने नृत्य प्रस्तुत किया। गोरखाली ग्रुपों ने काफी सुन्दर-सुन्दर नेपाली गीतों पर अपनी प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोहा। इस मेले में नेपाल से आई मूर्ति, आॅले, छुरपी, पसमीना, गुदरूक भी आकर्षण का केन्द्र रहेंगेे। मेले में हस्तशिल्प की प्रदर्शनी, औद्योगिक उत्पाद, निर्यात उत्पाद, कृषि उत्पादन आधारित उत्पाद एवं दोनों देशों के पर्यटक स्थलों के प्रति लोगों का विशेषकर रूझान दिखाई दिया। मेले में लोगों ने गीतों और ढोल और नगाड़ों का लुफ्त उठाया। फेस्ट के पहले दिन मेले में नेपाल की संस्कृति की लोक संस्कृति की छवि भी दिखाई दी।

शुभारंभ के अवसर पर विधायक कुँवर प्रणव सिंह चैपियन, विधायक खजान दास, नेपाल सरकार के वाणिज्य सह सचिव, दोनों देशों के राजदूतावास, नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के अध्यक्ष भवानी राणा, कंचनपुर चैम्बर आॅफ कामर्स एवं इंड्रस्ट्री के पूर्व अध्यक्ष यज्ञराज, शिवराज पाण्डे व हेमराज पाण्डे, पूर्व कोषाध्यक्ष भरत रोकाया, पूर्व महासचिव कृष्ण प्रसाद पाठक, कार्यकारी अधिकृत प्रेम सिंह भाट् नेपाल व्यापार संघ कंचनपुर नेपाल, वीर गोर्खा कल्याण समिति के अध्यक्ष श्रवण सिंह प्रधान, कोषाध्यक्ष टेकू थापा सहित वीर गोर्खा कल्याण समिति के सदस्य, स्थानीय कोर्डिनेटर सुर्य बिक्रम शाही अध्यक्ष गोर्खा इन्टरनेशनल सोसियो कल्चरल फाउन्डेशन, विशाल थापा सचिव हैल्प क्राॅस आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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