‘किसान कल्याण कार्यशाला’ के माध्यम से किसान कल्याण योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय-कृषि मंत्री

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लखनऊः उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा है कि किसान कल्याण कार्यशालाओं के माध्यम से आगामी दो मई को वृहद स्तर पर आयोजन किये जायं। प्रदेश सरकार की किसान कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाय। कृषि मंत्री आज मुख्य भवन स्थित सभागार में पशुपालन, गन्ना, रेशम, सहकारिता, मौन पालन, मत्स्य, दुग्ध विकास, उद्यान इत्यादि विभागों के अधिकारियों के साथ किसान कल्याण कार्यशालाओं के आयोजन की समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग पाकेट डायरी के माध्यम से किसानों से संबंधित उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। वास्तविक किसानों का चयन कर उन्हें सम्मानित किया जाय तथा उनके अनुभवों कोे शेयर किया जाय। कृषि मंत्री ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषकों के कल्याण से संबंधित योजनाओं में पूंजी निवेश के लिए समय से वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जायं। इन योजनाओं में अनुसूचित जाति, जनजाति के व्यक्तियों तथा महिलाओं को सम्मिलित कर उन्हें लाभ पहुँचाना सुनिश्चित किया जाय।

इस अवसर पर कृषि मंत्री ने बताया कि कार्यशाला में पशुपालन विभाग द्वारा शिविर लगाया जायगा, जिसमें पशुओं में होने वाली बीमारियों के बचाव हेतु किसानों को जागरूक किया जायेगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न फसलों के द्वारा अधिक उत्पादन करने वाले उन्नतशील सात किसानों को सम्मानित किया जायेगा, जिसमें महिला किसान तथा अनुसूचित जाति के लोगों को सम्मिलित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मिट्टी की सेहत की जांच करके किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया जायेगा। प्रदेश के किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड वितरण के लिए कार्यशाला में बैंक अधिकारियों द्वारा शिविर लगाने के निर्देश दिये गये हैं।

श्री शाही ने कहा कि आगामी दो मई को किसान कल्याण कार्यशालाओं में प्रधानों, पूर्व ग्राम प्रधानों, बी.डी.सी. इत्यादि जन प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाय। ब्लाक स्तर पर किसानों को खेती की नई तकनीक से अवगत कराने के लिए कृषि विश्व विद्यालयों के कृषि विशेषज्ञों को बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में इफको तथा कृभको के अधिकारियों को सम्मिलित किया जाय। कीट नाशक दवाओं के प्रचार-प्रसार तथा उनके दुष्प्रभावों की रोकथाम हेतु कृषि विशेषज्ञों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाय।

कृषि मंत्री ने इस अवसर पर अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यक्रम के आयोजन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाय। सभी तैयारियाँ वास्तविक धरातल पर होनी चाहिए। जब तक कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न न हो जाय तब तक उच्च अधिकारी लगातार मानीटरिंग करते रहें, तभी सफल एवं उपयोगी आयोजन सुनिश्चित हो सकेगा।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव कृषि श्री अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि उत्पादन के पश्चात उसकी गुणवत्ता एवं वितरण पर भी अधिकारियों को ध्यान रखना होगा। प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना का लाभ भी सुनिश्चित किया जाय। प्रमुख सचिव ने समस्त अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसान कल्याण कार्यशाला की सफलता हेतु जमीनी स्तर पर आज से ही तैयारी करनी होगी।

बैठक में कृषि, गन्ना, मत्स्य, उद्यान, पशुपालन, रेशम, सहकारिता इत्यादि विभागों के अधिकारियों सहित किसान संघ के अध्यक्ष राजा वर्मा भी उपस्थित थे।

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