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रिटायर्ड ऑफिसर्स डिजिटल रिकार्ड्स आर्किव (रोडरा) वेबसाइट

नई दिल्ली: भारतीय सेना के सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों के लगभग 1.2 लाख सेवा रिकार्ड की रक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी श्रमबल नियोजन (एमपी) निदेशालय (एमपी 5 और 6) पर है। डिजिटलीकरण न होने और नवीनतम पते तथा बुजुर्गों के अन्य विवरण उपलब्ध न होने के कारण बुजुर्ग अधिकारियों/परिवार पेंशनधारकों के साथ जुड़ना और उनकी परिवेदनाओं का निवारण करना एक बड़ी चुनौती थी।

इस चुनौती को दूर करने के लिए रिटायर्ड ऑफिसर्स डिजिटल रिकार्ड्स आर्किव (आरओडीआरए https://rodra.gov.in) वेबसाइट की शुरूआत की गई। इसका उद्देश्य रिकार्ड के अभिरक्षक अधिकारियों अर्थात एजी/एम 5 और 6 तथा बुजुर्ग अधिकारियों/परिजनों (एनओके) के बीच संपर्क स्थापित करना और प्रलेखन/पेंशन संबंधी शिकायतों का निपटान करने और संबंधित नीतियों को अद्यतन करने के लिए डिजिटल डेटा भंडार का सृजन करना था। बुजुर्गों को वेबसाइट के माध्यम से दी जाने वाली सुविधाएं रिकार्डों, दस्तावेजों/पेंशन संबंधी शिकायतों के पंजीकरण को अद्यतन करना है। इसके अलावा बुजुर्ग अधिकारियों और एनओके के साथ विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की जाती है।

रोडरा वेबसाइट की शुरूआत के बाद पीसीडीए (पी) द्वारा बुजुर्गों को समय समय पर जारी विभिन्न प्रकार के पेंशन भुगतान आदेशों (पीपीओ) को अब बंद कर दिया गया है। जिससे श्रमबल, लेखन सामग्री और डाक शुल्क की बचत हो रही है। पीपीओ को अब वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाता है और बुजुर्ग अधिकारी इन्हें वेबसाइट से अपलोड कर लेते हैं। इस प्रकार बुजुर्गों की शिकायतों की निगरानी और प्रबंधन को व्यवस्थित कर दिया गया है। अब संतुष्टि के स्तर में सुधार आया है। सेवारत अधिकारियों के रिकार्ड का स्वचलीकरण प्रगति पर है। एक एप्लीकेशन विकसित की गई है जिसे जून, 2019 में आंतरिक सेवा पोर्टल पर लॉन्च किया जा रहा है।

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