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शालीमार ग्रुप के निर्माण स्थलों पर कार्यरत 3000 निर्माण श्रमिकों का हुआ पंजीयन-श्रम एवं सेवायोजन मंत्री

लखनऊ: प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी जी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी की मंशानुरूप श्रमिकों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए श्रम विभाग संकल्पबद्ध है। श्रम विभाग निर्माण श्रमिकों के लिए चलायी जा रही लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से उनकी ड्योढ़ी तक पहुंचायेगा। ‘श्रमेव जयते’ का नारा साकार हो। श्रमिकों का जीवन स्तर सुधरे, इसके पूरे प्रयास किये जायं। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश की सरकार श्रमिकों के कल्याणार्थ बहुत सी योजनाएं चला रही है। पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को हर-हाल में इसका लाभ देना है।

श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री मौर्य ने ये बात आज यहां शालीमार वन वल्र्ड निर्माण परिसर, गोमती नगर विस्तार लखनऊ में निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण के लिए आयोजित शिविर कार्यक्रम में कही। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग ने लखनऊ एवं बाराबंकी जनपद की शालीमार ग्रुप की 07 साइटों के 3000 से अधिक निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पंजीकृत निर्माण श्रमिकों का एक हफ्ते में आॅनलाइन पंजीयन करायें। साथ ही बैंक खाता भी संचालित करायें। उन्होंने कहा कि श्रमिक विस्तर छोड़ते ही कार्य पर निकल जाता है और देर शाम तक लौटता है, जिससे योजनाओं का लाभ लेने के लिए वह श्रम विभाग कार्यालय नहीं पहुंच पाता। निर्माण श्रमिकों का अधिक से अधिक पंजीयन हो, इसलिए कैम्प लगाकर श्रमिकों का पंजीकरण कराया जा रहा है।

श्रम मंत्री ने बताया कि अब तक 46 लाख निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण हो चुका है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों की बेटियों की शादी में श्रम विभाग 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देता है। अन्तरजातीय एवं विधवा बेटी से विवाह पर 61 हजार रुपये, सामूहिक विवाह स्थल पर शादी करने पर 65 हजार रुपये, सामूहिक विवाह स्थल पर अन्तरजातीय एवं विधवा विवाह पर 70 हजार रुपये की मद्द मिलती है। इसी प्रकार श्रमिकों के बच्चों की इंजीनियरिंग एवं मेडिकल की पढ़ाई पर प्रतिमाह क्रमशः 3000 एवं 5000 रुपये की मद्द तथा सरकारी कालेज से मेडिकल एवं इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने पर सम्पूर्ण फीस की प्रतिपूर्ति की जा रही है। श्रमिकों की गम्भीर बीमारी पर सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने पर खर्च का शतप्रतिशत प्रतिपूर्ति किया जाता है। उन्होंने कहा कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की कार्य स्थल पर मृत्यु होने पर 05 लाख रुपये एवं स्थायी अपंगता पर 03 लाख रुपये, आंशिक अपंगता पर 02 लाख रुपये तथा सामान्य मृत्यु पर 02 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। उन्होंने बताया कि झोपड़पट्टी में रहने वाले मजदूरों को पक्का कमरा बनाने के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता के अलावा 12 हजार रुपये शौचालय निर्माण के लिए दी जाती है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की बस्तियों को सोलर लाइट से रोशन भी किया जा रहा है। उन्होंने शालीमार ग्रुप के अधिकारियों से अपील की कि कार्य स्थल पर मजदूर भाइयों एवं बहनों के लिए शौचालय की व्यवस्था जरूर करायें। उन्होंने इस दौरान कार्य स्थल पर ही सार्थक फाउण्डेशन द्वारा श्रमिकों के बच्चों के लिए संचालित स्कूल का भी निरीक्षण किया।

कार्यक्रम में उप श्रमायुक्त लखनऊ श्री एस.पी. शुक्ला, सहायक श्रमायुक्त श्री रवि श्रीवास्तव, एस.के. पाण्डेय, आर.एस. तिवारी तथा शालीमार ग्रुप के प्रबन्ध निदेशक सैयद खालिद मसूद, निदेशक अनवर रिजवी व अजय सेठ के अलावा बाराबंकी एवं लखनऊ जनपद के श्रम प्रवर्तन अधिकारी मौजूद थे।

 

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