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1971 युद्व की हीरो, कारगिल शहीदों, वीर नारियों और समाजसेवियों का किया गया सम्मान

देहरादून: राजधानी देहरादून में दून डिफैन्स कैरियर पांइन्ट द्वारा 1971 युद्व की हीरो, कारगिल शहीदों, वीर नारियों, और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। दून डिफैन्स कैरियर पांइन्ट द्वारा अपना सातवाँ वार्षिक उत्सव अंलकृत 2018 को बडे धूम-धाम से मनाया। वार्षिकउत्सव में मुख्यअतिथि के रूप में कैबिनेट राज्य मंत्री धन सिंह रावत और विशिष्ट अतिथि के तौर पर भाजपा के प्रदेश सचिव सुनील उनियाल गामा मौजूद थे। इस मौके पर देश सेवा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों के परिजनों, वीर नारियों और समाजसेवियों का सम्मान किया गया।

दून डिफैन्स कैरियर पांइन्ट ने अपना सातवाँ वार्षिक उत्सव अंलकृत 2018 को बडे धूम -धाम से मनाया । जिसके मुख्य अतिथि माननीय उच्च शिक्षा मंत्री श्री धन सिंह रावत व श्री सुनील उनियाल गामा जी रहे। कार्यक्रम का प्रारम्भ माननीय उच्च शिक्षा मंत्री जी द्वारा दीप प्रज्वलित कर सरस्वती वन्दना के साथ किया गया तथा छात्र-छात्राआंे द्वारा मार्चपास्ट, संस्कृति, देशभक्ति एवं रंगा-रंग प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया।

गरीब छात्रों को निशुल्क शिक्षा

सस्ंथान के निदेशक श्री जेपी नौटियाल द्वारा माननीयों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया व संस्थान की सात वर्षो की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला उन्होने बताया कि पिछले सात वर्षो मे सस्ंथान 84 प्रतिशत रिजल्ट दिया है। जिसके आधार पर सस्ंथान उत्तर भारत मे प्रथम संस्थान पर रहा है उन्होने कहा हर साल सस्ंथान से दस बीपीएल छात्र छात्राऐं निःशुल्क शिक्षा ग्रहण करते है । जिनको कि संस्थान के माध्यम से पठन-पठान की सामग्री भी निःशुल्क प्रदान की जाती है श्री जेपी नौटियाल ने बताया की गुणवत्ता बनाने रखना संस्थान का प्रथम उद्धेश्य रहा है। जिसके साथ  किसी भी प्रकार का समझोता संम्भव नही है। और उसी का प्रतिफल रहा है कि संस्थान में पढने वाले छात्र-छात्रआंे ने जो कि पुरे भारत वर्ष के विभिन्न राज्यों से आते है ने 84 प्रतिशत सफलता प्राप्त कि है और आज भारतीय सेनाओं में विभिन्न पदांे पर सेवांऐ प्रदान कर देश का नाम ऊँचा कर रहे हंै एंव दुनिया को अपना लोहा मनवा रहे है।

शहीदों को सम्मान

कार्यक्रम के दौरान माननीय शिक्षा मंत्री और सुनील उनियाल गामा के माध्यम से संस्थान द्वारा आॅपरेशन पराक्रम के दौरान कारगिल शहीद नायक रघुवीर सिंह 7 गढ़वाल राइफल, पत्नी श्रीमती आनन्दी देवी को 11000 रूपये व स्ंमृति चिंन्ह एवं आॅपरेशन विजय के दौरान कारगिल शहीद राइफल मैन विक्रम जी कि पत्नी श्रीमती बीरा देवी को सिंह 11000 रूपये शाॅल व स्ंमृति चिंन्ह देकर संम्मानित किया गया। माननीय उच्च शिक्षा मंत्री महोदय ने 1971 युद्ध के हीरो कर्नल केएन छिब्बर को स्ंमृति चिन्ह व शाँल भेंट कर संम्मानित किया गया।

समाजसेवियों का सम्मान

इसी के साथ सामाजिक कार्य में अपने योगदान के लिए डाॅ एसडी जोशी को स्वास्थ्य के क्षेत्र में, अरूण चमोली को रोजगार व स्वरोजगार के क्षेत्र में, पवन कुमार सकलानी को समाजसेवा व सुनीता प्रकाश बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं के लिए सम्मानित किया गया।  माननीय उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने छात्रों को सतत प्रयास रत रहकर सयंम, साहस व दृढ संकल्प का पाढ पढाया व सभी को अपना साधुवाद व संस्थान को हमेशा प्रयास रत रहने व सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

महज 7 सालों में डीडीसीपी ने किए कीर्तिमान स्थापित

दून डिफेंस कैरियर प्वाइंट संस्थान के निदेशक जेपी नौटियाल ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सहित सभी अतिथियों का सम्मान के लिए धन्यवाद अदा किया । मीडिया से बातचीत करते हुए जेपी नौटियाल ने कहा कि डीडीसीपी संस्थान की स्थापना को महज 7 वर्ष हुए हैं। और इन 7 वर्षों में संस्थान ने 90 प्रतिशत के लगभग रिजल्ट दिया। जिसके आधार पर संस्था दून डिफेंस कैरियर प्वाइंट पर है। उन्होंने कहा हर साल सस्थां ने 10 बीपीएल छात्र-छात्राओं को निशुल्क शिक्षा ग्रहण करते हैं। जिनको संस्था के माध्यम से पठन पाठन की सामग्री निशुल्क प्रदान की जाती है।

गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देना हमारा लक्ष्य

दून डिफेंस कैरियर प्वाइंट के निदेशक जेपी नौटियाल ने बताया कि गुणवत्ता बनाये रखना संस्था का पहला प्रयास रहा है। जिसके साथ किसी भी प्रकार का समझौता संबद्व नहीं है। उसी का प्रतिफल रहा कि संस्था में पढ़ने वाले छात्राओं ने जो कि पूरे भारत वर्ष के विभिन्न राज्यों से आते हैं ने 90 प्रतिशत सफलता प्राप्त की है। आज भारतीय सेनाओं में विभिन्न पदों पर सेवाएं प्रदान कर देश का नाम ऊंचा कर रहे हैं एवंम् दुनिया को अपना लोहा मनवा रहे हैं। संस्था को गर्व है कि अपने छात्र-छात्राओं पर जो इस जज्बे के साथ संस्थान को चुनते हैं और अपने भविष्य को सुनश्चित करते हैं।

सैनिक स्कूल  विकसित करने का लक्ष्य

दून डिफेंस कैरियर प्वाइंट के निदेशक जेपी नौटियाल कहा कि हमारा सपना है कि संस्था को एक सैनिक स्कूल की तर्ज पर विकसित करना है। जिसका लाभ हर वर्ग के छात्र-छात्राओं को मिल सके और वह अपना भविष्य संवारे और देश के प्रति समर्पण की भावना लेकर भारतीय सेनाओं को कुशल व प्रशिक्षित जवान मिल सकें हैं। हमारा प्रथम उद्देश्य राष्ट्रहित में सर्वोपरि है।

पाबौ के रहने वाले हैं जेपी नौटियाल

जेपी नौटियाल मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल जनपद के पाबौ ब्लाॅक के मंजखोली गांव के निवासी है। इनके पिता शिक्षक और माता ग्रहणी थी। पिता के शिक्षक होने के कारण बचपन से ही पढ़ाई में तेज थे। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा गांव से ग्रहण करने के बाद उच्च शिक्षा गढ़वाल विश्वविधालय से ग्रहण की। उसके बाद कुछ समय एक निजी शिक्षण संस्थान में कार्य भी किया। लेकिन देश के लिए कुछ करने का जज्बा और उत्तराखंड के युवाओं को रोजगारपरख शिक्षा देने की सोच ने इन्हे प्रेरित किया। जिसमें इनकी पत्नी का इन्हें भरपूर सहयोग मिला। जिसके बाद इन्होंने नौकरी को छोड़ दून डिफेंस कैरियर प्वाइंट संस्थान की नींव रखी। इनकी मेहनत और लगन का ही प्रतिफल है कि बेहद कम समय में यह उत्तर भारत की नम्बर वन शिक्षण संस्थान।

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