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ए0ई0एस0 एवं जे0ई0एस0 के उपचार हेतु आवश्यक एंटी बाइटिक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाय

लखनऊ: प्रदेश के प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री सुरेश चन्द्रा ने समस्त मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम स्तर तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के सफल संचालन हेतु आशा, ए0एन0एम0, ग्राम प्रधान एवं नोडल शिक्षकों आदि का संवेदीकरण का कार्य 28 जून तक पूर्ण किया जाय। उन्होंने इस अभियान के अन्तर्गत सम्पादित किये जाने वाले समस्त अन्र्तविभागीय गतिविधियों की शत-प्रतिशत उपलब्धि हेतु जनपद एवं ब्लाक स्तर पर अन्र्तविभागीय बैठकों का आयोजन 15 जून तक कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की गतिविधियों की साप्ताहिक समीक्षा की जाय एवं प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय को प्रेषित की जाय। इस अभियान की गतिविधियों के सम्पादन हेतु माइक्रोलान तैयार कर डब्ल्यू0एच0ओ0 एवं राज्य मुख्यालय को 20 जून तक उपलब्ध करा दिया जाय।

श्री सुरेश चन्द्रा आज योजना भवन में वीडियो काॅफ्रेंसिग के माध्यम से प्रदेश के समस्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ए0ई0एस0 एवं जे0ई0 रोग से प्रभावित समस्त जनपदों के सभी उपचार केन्द्रों पर रोग संक्रमण काल से पूर्व ए0ई0एस0 रोग के प्रमुख कारक स्क्रब टाईफस के उपचार हेतु एण्टीबाइटिक औषधि एजिथ्रोमाइसिन एवं डाॅक्सीसायक्लीन की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित की जाय। ए0ई0एस0 एवं जे0ई0 रोग के नियंत्रण रोकथाम एवं उपचार के संबंध में सघन प्रचार-प्रसार की गतिविधि संपादित की जाय। जनपद के समस्त उपचार केन्द्रों पर भर्ती एवं उपचारित रोगियों की दैनिक रिपोर्टिंंग राज्य मुख्यालय को अवश्य की जाय। उन्होंने कहा कि वेक्टर जनित एवं अन्य संक्रामक रोगों के आउट-ब्रेक के संबंध में की गई समस्त प्रकार की निराधात्मक एवं उपचारात्मक गतिविधियों की सूचना मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाय।

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने समस्त मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में कार्यरत कर्मियों के वेतन या मानदेय का भुगतान समय से किया जाय। यदि भुगतान न हुआ हो तो किसी भी दशा में एक सप्ताह के अंदर कर दिया जाय अन्यथा संबंधित के विरूद्ध सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, ए0ई0एस0, जे0ई0, कालाजार, आदि की समीक्षा करते हुए जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को उनकी मांग के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराई गयी हैं, आवश्यकता हुई तो मांग के अनुसार और दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता रहनी चाहिए यदि दवाओं की कमी जिले में हुई तो सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी उपचार केन्द्रों पर फीवर हेल्प डेस्क अवश्य स्थापित किये जाएं नगरीय क्षेत्र में डेंगू के वेक्टर नियंत्रण हेतु कीटनाशी दवाओं का छिड़काव एवं सघन फागिंग कराया जाय।

वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के दौरान सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्रीमती वी0 हेकाली झिमोमी, मिशन निदेशक एनएचएम श्री पंकज कुमार, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डाॅ0 पद्माकर सिंह, निदेशक संचारी रोग डाॅ0 मिथिलेश चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे।

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