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मुख्यमंत्री ने ई-मण्डी पोर्टल का अनावरण किया

लखनऊउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने लोक भवन में राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद के संचालक मण्डल की 156वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने ई-मण्डी पोर्टल का अनावरण भी किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मण्डियों को सभी सुविधाओं से युक्त करते हुए आदर्श मण्डियों के रूप में विकसित किया जाए, जो अन्य प्रदेशों के लिए उदाहरण बन सकें। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 02 वर्षों के दौरान प्रदेश की मण्डियों को विकसित करने की दिशा में  बहुत कार्य किया गया है, लेकिन अभी भी काफी कार्य किया जाना है।

बैठक के दौरान मण्डी परिषद का वर्ष 2019-20 के लिए 2465.04 करोड़ रुपए का बजट पारित किया गया। बैठक के दौरान संचालक मण्डल की 155वीं बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की गई, साथ ही प्रमुख निर्णय भी लिए गए। इसके तहत मण्डी समिति देवरिया के उप मण्डी स्थल, बरहजबाजार एवं मण्डी समिति दोहरीघाट के उपमण्डी स्थल महादेवा बाजार के निर्माण तथा नवीन मण्डी स्थल शोहरतगढ़ के निर्माणार्थ भूमि क्रय करने का निर्णय लिया गया। पी0पी0पी0 माडल पर कृषि उत्पाद प्रसंस्करण इकाइयों (एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट) को स्थापित करने की योजना को और अधिक आकर्षक बनाए जाने का भी निर्णय लिया गया।

इसके अलावा, बैठक में पोस्ट हार्वेस्ट लाॅसेज़ को कम करने तथा इसके द्वारा किसानों की आय में वृद्धि के हित में निःशुल्क प्लास्टिक क्रेट्स एवं निःशुल्क प्लास्टिक शीट उपलब्ध कराए जाने सम्बन्धी योजना का विस्तार करते हुए लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रदेश के व्यापारियों एवं आढ़तियों के हितार्थ ‘मुख्यमंत्री व्यापारी एवं आढ़ती कल्याणकारी योजनाएं’ लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके अन्तर्गत अग्निकाण्ड दुर्घटना होने पर व्यापारी एवं आढ़ती को वास्तविक क्षति अथवा 02 लाख रुपए तक एवं मृत्यु हो जाने की दशा में उसके परिवार को 03 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान ही जाएगी।

‘मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना’ अन्तर्गत अब तोलक/मापक को भी सम्मिलित किया गया है। साथ ही, कृषकों की दुर्घटना द्वारा मृृत्यु होने पर आश्रितों के लिए सहायता राशि को बढ़ाते हुए 03 लाख रुपए करने का निर्णय लिया गया है। विभिन्न कृृषि उत्पादों के विशिष्ट क्षेत्रों हेतु एग्री एक्सपोर्ट प्रमोशन जोन सृजित करने की संकल्पना का निर्णय भी लिया गया। प्रदेश की अतिरिक्त 25 अन्य मण्डियों को ई-नाम योजना से जोड़े जाने एवं ई-नाम के माध्यम से कृषि उत्पाद का विक्रय करने वाले किसानों को उपहार दिये जाने संबंधी प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया।

बैठक में प्रत्येक मण्डी में एक ‘डिजिटल व्यापार सुविधा केन्द्र‘ स्थापित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अन्तर्गत व्यापारियों एवं किसानों को डिजिटल माध्यमों से व्यापार तथा लेन-देन के तकनीक का प्रशिक्षण, योजनाओं की जानकारी तथा व्यापारिक क्रय-विक्रय हेतु कम्प्यूटर, प्रिण्टर, इण्टरनेट प्रयोग की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी एवं मण्डी समिति में विभिन्न अभिलेखों का डिजिटाइजेशन कराया जाएगा।

मण्डी परिषद एवं मण्डी समितियों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवाकाल में मृत्यु की दशा में उनके आश्रितों को कर्मचारी कल्याण निधि मद से प्राप्त होने वाली अनुतोषिक धनराशि 02 लाख रुपए को बढ़ाकर 05 लाख रुपए करने का निर्णय लिया गया।

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