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मृदा स्वास्थ्य कार्ड की संस्तुतियों को अपनाकर भूमि की उर्वरा शक्ति एवं उत्पादन में बढ़त कर सकते हैं हासिल: सूर्य प्रताप शाही

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि वर्ष 2015 से प्रतिवर्ष सम्पूर्ण विश्व में 05 दिसम्बर को विश्व मृदा दिवस का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि विश्व मृदा दिवस के अवसर पर मिट्टी के महत्व एवं उसकी उर्वरा शक्ति को कैसे बढ़ाया जाय, पर चर्चा की जाती है। मंत्री ने कहा कि अथर्ववेद में भी उल्लेख है कि भूमि हमारी माँ है और हम इसके पुत्र हैं। भूमि का स्वास्थ्य खराब होगा, तो इससे निकलने वाली उपज भी विषैली हो जायेगी।

     कृषि मंत्री आज कृषि भवन में विश्व मृदा दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित सभी किसान भाईयों से अपील की कि वे खेतों में कम से कम रासायनिक खाद का इस्तेमाल करें। साथ ही अधिक से अधिक जैविक खाद का प्रयोग किये जाने पर बल दिया। श्री शाही ने कहा कि अधिकारी नगर पंचायतों में किसान पाठशाला लगाकर किसानों को जैविक खाद के प्रयोग के बारे में जागरूक करें। इस अवसर पर उन्होंने 24 किसान भाइयों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया। उन्होंने कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड की संस्तुतियों को अपनाकर किसान भाई भूमि की उर्वरा शक्ति एवं उत्पादन दोनों में बढ़त हासिल कर सकते हैं।

     प्रमुख सचिव कृषि, श्री अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि हमें जीवन के प्रति गंभीर होने के लिये मिट्टी के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर होना होगा। उन्होंने कहा कि मिट्टी का स्वास्थ्य खराब करने के पीछे रासायनिक उर्वरक एवं कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग बहुत बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि किसानों को उत्पादन बढ़ाने के लिये उत्पादकता बढ़ानी होगी, जिसके लिये भूमि का उपजाऊ होना आवश्यक है। प्रमुख सचिव ने भूमि को उपजाऊ बनाने के लिये रासायनिक उर्वरक की अपेक्षा अधिक से अधिक जैविक खाद का इस्तेमाल करने की सलाह दी।

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