Breaking News
Home » देश-विदेश » भारतीय दिवाला एवं दिवालियापन बोर्ड (कॉरपोरेट व्यक्तियों के लिए फास्ट ट्रैक दिवाला समाधान प्रक्रिया) विनियम, 2017 में संशोधन किए गए
IBBI

भारतीय दिवाला एवं दिवालियापन बोर्ड (कॉरपोरेट व्यक्तियों के लिए फास्ट ट्रैक दिवाला समाधान प्रक्रिया) विनियम, 2017 में संशोधन किए गए

नई दिल्लीः भारतीय दिवाला एवं दिवालियापन बोर्ड (आईबीबीआई) ने भारतीय दिवाला एवं दिवालियापन बोर्ड (कॉरपोरेट व्यक्तियों के लिए फास्ट ट्रैक दिवाला समाधान प्रक्रिया) विनियम, 2017 में संशोधन कर दिए।

संशोधनों के अनुसार –

  1. समाधान प्रोफेशनल उचित मूल्य के निर्धारण और कॉरपोरेट कर्जदार के परिसमापन मूल्य को निर्धारित करने के लिए पंजीकृत मूल्य-निर्धारकों (वैल्यूर) को नियुक्त करेगा। समाधान योजनाओं की प्राप्ति के बाद समाधान प्रोफेशनल गोपनीय वचन लेने के बाद ऋणदाताओं की समिति के प्रत्येक सदस्य को उचित मूल्य और परिसमापन मूल्य को इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप में उपलब्ध करायेगा। समाधान प्रोफेशनल और पंजीकृत मूल्य-निर्धारकों को उचित मूल्य और परिसमापन मूल्य की गोपनीयता बनाए रखनी होगी।
  1. समाधान प्रोफेशनल अपनी नियुक्ति के दो सप्ताह के भीतर समाधान योजना के आमंत्रण की तिथि तक ऋणदाताओं की समिति के प्रत्येक सदस्य और प्रत्येक संभावित समाधान आवेदक को गोपनीय वचन लेने के बाद इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप में सूचना ज्ञापन प्रस्तुत कर देगा।
  2. समाधान प्रोफेशनल संभावित समाधान आवेदकों को मूल्यांकन रूपरेखा सहित एक आमंत्रण जारी करेगा। वह आमंत्रण के साथ-साथ मूल्यांकन रूपरेखा को भी संशोधित कर सकता है। हालांकि, भावी समाधान आवेदक को समाधान योजनाएं पेश करने के लिए आमंत्रण जारी होने या इसमें संशोधन, जो भी बाद में हो, के पश्चात कम से कम 15 दिन का समय मिलेगा। इसी तरह उन्हें समाधान योजनाएं पेश करने के लिए मूल्यांकन रूपरेखा जारी होने और इसमें संशोधन, जो भी बाद में हो, के पश्चात कम से कम 8 दिन का समय मिलेगा। एक संक्षिप्त आमंत्रण कॉरपोरेट ऋणदाता की वेबसाइट, यदि कोई हो, और इस उद्देश्य के लिए आईबीबीआई द्वारा नामित वेबसाइट, यदि कोई हो, पर उपलब्ध होगा।
  3. वैसे तो समाधान आवेदक धन के स्त्रोतों का विवरण देता रहेगा, जिसका उपयोग दिवाला समाधान प्रक्रिया लागत, परिचालनरत ऋणदाताओं की परिसमापन मूल्य राशि और असंतुष्ट वित्तीय ऋणदाताओं की बकाया परिसमापन मूल्य राशि का भुगतान करने में किया जायेगा, लेकिन ऋणदाताओं की समिति इन उद्देश्यों के लिए समाधान योजना के तहत संसाधनों से देय राशियों को निर्दिष्ट करेगी।
  4. समाधान योजना में कॉरपोरेट ऋणदाता के दिवाला समाधान के लिए जरूरी उपायों का उल्लेख होगा, ताकि उसकी परिसंपत्तियों के मूल्य को अधिकतम करना संभव हो सके। इनमें ऋणदाताओं को देय राशि में कमी, कॉरपोरेट ऋणदाता की ओर से बकाया ऋण की परिपक्वता तारीख में विस्तार या ब्याज दर में बदलाव या अन्य शर्तें, कॉरपोरेट ऋणदाता द्वारा उत्पादित अथवा उपलब्ध कराई गई वस्तुओं या सेवाओं के पोर्टफोलियो में बदलाव और कॉरपोरेट ऋणदाता द्वारा प्रयुक्त तकनीक में बदलाव शामिल हैं।
  5. समाधान प्रोफेशनल ऋणदाताओँ की समिति द्वारा स्वीकृत समाधान योजना को फास्ट ट्रैक कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया पूरी करने के लिए दी गई अधिकतम अवधि की समाप्ति से कम से कम 15 दिन पहले निर्णयन प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करेगा।

भारत के राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद ये संशोधन कल से ही लागू हो गए हैं। ये संशोधन www.mca.gov.in और www.ibbi.gov.in पर भी उपलब्ध हैं।

About admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.